September 16, 2021

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राज्य में किसी के भी सामने भोजन का संकट नहीं होना चाहिए: योगी

लखनऊ (DVNA)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट’ की नीति के अनुरूप कोविड-19 से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण नियंत्रित स्थिति में है, किन्तु कोरोना वायरस समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए संक्रमण की रोकथाम के सम्बन्ध में पूरी सतर्कता एवं सावधानी बरती जाए। संक्रमण की चेन को तोड़ने तथा प्रदेशवासियों को सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए कोविड वैक्सीनेशन कार्य तेजी के साथ संचालित किया जाए।

मुख्यमंत्री आज वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 336 नये मामले प्रकाश में आए हैं। इसी अवधि में 685 संक्रमित व्यक्तियों का सफल उपचार करके डिस्चार्ज किया गया है। वर्तमान में संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 6,019 है। पिछले 24 घण्टों में 2,90,234 कोविड टेस्ट किये गये हैं। राज्य में अब तक कुल 05 करोड़, 44 लाख, 36 हजार, 119 कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं। राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर में भी निरन्तर वृद्धि हो रही है। यह दर अब बढ़कर 98.4 प्रतिशत हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमण की सम्भावित तीसरी लहर एवं संचारी रोगों की रोकथाम के सम्बन्ध में प्रदेश के सभी जनपद अभी से सक्रिय होकर प्रभावी प्रयास करें। बच्चों में संचारी रोगों की स्क्रीनिंग एवं सर्विलांस का कार्य अभियान के रूप में संचालित किया जाए। यह अभियान कोरोना सहित वर्षा काल में होने वाले अन्य संचारी रोगों की रोकथाम में अत्यन्त उपयोगी होगा।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि पुलिस द्वारा व्यापक पेट्रोलिंग करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं पर भी भीड़ एकत्र न होने पाए। लोगों द्वारा अनिवार्य रूप से मास्क का प्रयोग तथा दो-गज की दूरी का पालन किया जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम को और सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाए। कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रति लोगों को निरन्तर जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग किया जाए।
मुख्यमंत्री  को यह भी अवगत कराया गया कि निगरानी समितियों द्वारा स्क्रीनिंग के साथ ही, लक्षण युक्त तथा संदिग्ध संक्रमित व्यक्तियों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराने का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। निगरानी समितियों के पास पर्याप्त संख्या में मेडिसिन किट की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गयीं दवाएं यथाशीघ्र सुलभ कराई जा रही हैं। साथ ही, विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार वैकल्पिक दवाओं की भी व्यवस्था कर उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर के सुदृढ़ीकरण कार्य को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने के लिए इसकी नियमित समीक्षा की जाए। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनात चिकित्सकों सहित अन्य चिकित्सा कर्मियों एवं उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का विवरण संकलित किया जाए। स्वास्थ्य केन्द्रों तक मरीजों एवं एम्बुलेंस आदि की आसान एवं बाधारहित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के सम्पर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण किया जाए।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि कोविड-19 की उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरन्तर कार्यवाही की जा रही है। कोविड बेड की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। विगत दिवस प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 75 कोविड बेड की वृद्धि हुई है। इसमें 50 बेड आइसोलेशन एवं 25 आई0सी0यू0 बेड शामिल हैं। आवश्यकतानुसार मानव संसाधन में भी वृद्धि की जा रही है। पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 (पीकू) तथा नियोनेटल आई0सी0यू0 (नीकू) का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसकी नियमित समीक्षा भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य को गुणवत्ता पूर्ण ढंग से शीघ्रता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि इस वर्ष 09 मेडिकल कॉलेजों का शुभारम्भ किया जा सकता है। इनमें से 07 का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। सभी 09 मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य की नियुक्ति कर दी गई है। लगभग 50 प्रतिशत शिक्षकों की नियुक्ति भी पूर्ण कर ली गई है। मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि प्रदेश में 14 अन्य मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की कार्यवाही भी चल रही है। इनमें से 13 मेडिकल काॅलेजों का निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी सत्र से इन मेडिकल कॉलेजों में भी पठन-पाठन का कार्य प्रारम्भ कराने की आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है। विगत 24 घण्टों में 338 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा रीफिलर्स के पास 05 दिन से अधिक के बैकअप के साथ ऑक्सीजन उपलब्ध है। राज्य में ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना की कार्यवाही की नियमित समीक्षा की जा रही है। राज्य में कार्यशील, निर्माणाधीन एवं स्वीकृत कुल ऑक्सीजन प्लाण्ट की संख्या बढ़कर 441 हो गई है। इनमें से 100 ऑक्सीजन संयंत्र क्रियाशील हो गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ऑक्सीजन संयंत्रों के मेण्टेनेन्स एवं रख-रखाव की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन का कार्य बेहतर और प्रभावी ढंग से चल रहा है। 21 जून, 2021 से भारत सरकार द्वारा 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लिए भी निःशुल्क कोविड वैक्सीनेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य में कोरोना वैक्सीनेशन कार्य की गुणवत्ता को इसी प्रकार बनाए रखते हुए वैक्सीनेशन कार्य को तेजी से संचालित करने के लिए पूरी तैयारी कर ली जाए। इसके लिए पूरी प्लानिंग के साथ आवश्यक कोल्ड चेन, वैक्सीनेटर्स, वैक्सीनेशन सेण्टर की व्यवस्था कर ली जाए। वैक्सीनेटर्स की ट्रेनिंग का कार्य पूर्ण करा लिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन कोविड संक्रमण के विरुद्ध सुरक्षा कवच है। इसलिए कोरोना वैक्सीनेशन की कार्यवाही व्यवस्थित, सुचारु एवं निर्बाध ढंग से संचालित रहे। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि अब तक राज्य में 02 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन की प्रथम डोज दी जा चुकी है। इसी प्रकार 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को भी अब तक कोरोना वैक्सीन की 50 लाख से अधिक प्रथम डोज दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि एम0एस0पी0 के अन्तर्गत गेहूं क्रय की कार्यवाही को 22 जून, 2021 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत अब तक रिकॉर्ड 55.60 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत 3.35 करोड़ पात्र कार्डधारकों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध करा दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसी के भी सामने भोजन का संकट नहीं होना चाहिए। सभी जरूरतमन्दों को राशन अवश्य मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग कार्य के साथ ही निगरानी समितियों द्वारा यह भी पता किया जाए कि सभी जरूरतमन्द लोगों को निःशुल्क राशन प्राप्त हो गया है। ऐसे जरूरतमन्द लोग, जिन्हें निःशुल्क राशन नहीं प्राप्त हुआ है, निगरानी समितियों द्वारा उनकी सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।

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