July 28, 2021

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डीएम साहब जांचे: अवैध बालू खनन और प्रशासन, क्या है नूरा कुश्ती का प्रदर्शन

बांदा-डीवीएनए। जिले में अवैध खनन का परवान और इसे रोकने के कागजी आंकड़े कहीं नूरा कुश्ती तो नहीं? कयोकि कार्यवाई होती है लेकिन असर बेअसर सा है, आखिर ऐसा क्यों? अवैध खनन के प्रति जागना और सो जाना को आखिर क्या माना जाये? जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की टीम जांच अभियान चलाती है, तब बड़े पैमाने पर अवैध खनन और ओवरलोडिग का खेल सामने आता है।मामला फिर सुसुप्त ज्वालामुखी हो जाता है।
इधर नदियों की कोख खाली करने में पैलानी तहसील क्षेत्र की खदानें काफी चर्चा में हैं। धुआंधार ओवरलोडिग की शिकायत के बाद एसडीएम व सीओ की टीम ने दो दिन पहले ही वाहनों की जांच की, पर कोई फर्क नहीं पड़ा। सेटिग के बूते खनन करा रहे माफिया अगले ही दिन ओवरलोड मौरंग लदे वाहन निकालने लगे। बस अधिकारियों पर नजरें गड़ाए लोकेशन के गुर्गे जरूर सक्रिय कर दिए गए।
पैलानी तहसील की सादीमदनपुर से लेकर खप्टिहाकला की कुछ खदानों पर विशेष कृपा सी प्रशासन की बरसती सी दिखती है।नदियों की कोख खाली की जा रही है। प्रतिबंधित मशीनों की गर्जना अधिकारियों के कानों तक नहीं पहुंच रही । खेत तालाब बनाए जा रहे हैं। ओवरलोडिग चरम पर है। ओवरलोडिग का हाल यह है कि पैलानी क्षेत्र के तिराहे से गांव कै खदान तक पीडब्लूडी की पक्की सड़क कच्चे रास्ते से भी बदतर हो गई है। नदियों की जलधारा के बीच मशीनों को पहुंचाकर खनन किया हो रहा है।
खदानों के माफिया ओवरलोड ट्रक व डंपर को ग्रामीण रास्तों पर कतार में खड़ा कर देते हैं। लोकेशन गुर्गे अधिकारियों की टोह लेते हैं और जांच नहीं होने की जानकारी देते हैं। जांच नहीं होने की बात पता चलते ही वाहनों को रवाना कर दिया जाता है।
खदान संचालक खदान संचालन के बेसिक नियमों का भी पालन नहीं करते। इसका पता खदानों के बोर्ड से लगता है। संचालक केवल खदान का नाम और चालू है का बोर्ड लगाते हैं। नियमानुसार गाटा संख्या, क्षेत्रफल व अन्य जानकारी उसमें दर्ज नहीं की जाती है। फर्म के नाम की जगह केवल संपर्क नंबर ही लिखे होते हैं। ऐसा ही खंड संख्या सात का लगा बोर्ड विभाग की कलई खोलता है।
उप जिलाधिकारी राम कुमार का कहना है की हाल ही में कुछ खदानें शुरू हुई हैं। ओवरलोडिग की शिकायत मिली है। ग्रामीणों ने भी सड़कें ध्वस्त होने की जानकारी दी है। जल्द ही ओवरलोडिग के खिलाफ फिर औचक जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले खदान संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संवाद विनोद मिश्रा

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