July 24, 2021

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स्कूल छोड़कर बाल श्रम के लिए मजबूर हो रहे गरीब परिवारों के बच्चे

         मंडीदीप-भोपाल (डीवीएनए)। देश में शुरू से ही बच्चों को ईश्वर का रूप माना गया। इनमें बाल गणेश, बाल गोपाल, बाल कृष्णा, बाल हनुमान उदाहरण हैं। ये धरती धु्रव, प्रहलाद, लव कुश और अभिमन्यु जैसे बाल चरित्रों से पटी हुई है। अब बच्चों का दृश्य अलग है। उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। गरीब बच्चे सर्वाधिक शोषण का शिकार हो रहे हैं। गरीब बच्चियों का जीवन भी अत्याधिक शोषित है। छोटे-छोटे गरीब बच्चे स्कूल छोड़कर बाल-श्रम के लिए मजबूर हैं। जिला सत्र न्यायाधीा तहसील विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष सुरेखा मिश्रा ने यह बात कही। वे गौहरगंज में बाल श्रम से संबंधित कानून, विधिक जानकारी देने बाल श्रम प्रतिषेध सप्ताह पर बोल रही थीं। इस मौके पर अन्य अतिथियों और वक्ताओं ने भी बाल श्रम पर विचार रखे। 

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