August 5, 2021

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थम नहीं रही ब्लॉक प्रमुख चुनाव में ‘हार जीत की रार’, योगेश शर्मा ने भाजपा पर लाया प्रशासन के दुरूपयोग का आरोप

मथुरा (DVNA)। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ने जनपद की राजनीति को मथ कर रख दिया है। राजनीतिक दलों में आपसी मूड फुटव्वल तो हो ही रही है। जिला प्रशासन और सरकारी मशीनरी पर भी पक्षपत के आरोप लग रहे हैं। जनपद के सभी दस ब्लॉक में सबसे पेचीदा रहे नौहझील ब्लॉक के चुनाव में एक वोट से हारे योगेश शर्मा ने भाजपा नेताओं और जिला प्रशासन पर मिलीभगत कर उन्हें जबरन हराने के आरोप लगाए हैं।
मंगलवार को राया ब्लाक प्रमुख चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी रहीं सवित्री देवी और पूर्व विधायक प्रणतपाल ने भाजपा जिलाध्यक्ष मधु शर्मा और क्षेत्रीय विधायक पूरन प्रकाश पर ही उन्हें हराने का षणयंत्र रचने के गंभीर आरोप लगाए थे। यहां भाजपा समर्थित प्रत्याशी की एक वोट से हार हुई थी। इसके अगले दिन बुधवार को नौहझील ब्लॉक में भाजपा नेता राजेश चौधरी की पत्नी सुमन चौधरी से एक वोट से हारे योगेश शर्मा ने एक कदम आगे बढते हुए भाजपा के साथ ही जिला प्रशासन को भी घेरा है योगेश शर्मा ने आरोप लगाए हैं कि लखउन से फोन आने के बाद जिलाधिकारी पुलिस बल के साथ मतगणना स्थल पर पहुंचे और भाजपा नेताओं के साथ करीब 40 मिनट तक मंत्रणा करने के बाद जीते हुए प्रत्याशी को हरा कर एक वोट से भाजपा नेता की पत्नी सुमन चौधरी को जीत का प्रमाणपत्र दिला दिया।
बल्लभ कुंज स्थित अपने आवास पर प्रेसवार्ता आयोजित कर योगेश शर्मा ने कहाकि उन्हें जानबूझ कर हराया गया है। उन्होंने बताया कि वोट पडने के बीच पांच बार मतों की गिनती हुई। पहली काउंटिंग में उन्हें 43 वोट मिले थे, राजेश चौधरी की पत्नी सुत्नी सुमन चौधरी को 41 मत मिले थे जबकि आठ वोट कैंसिल कर दिये गये थे। भाजपा समर्थित प्रत्याशी के विरोध के बाद चार बार री काउंटिंग की गई और हर बार परिणाम समान रहा। पहले और दूसरी बार की काउंटिंग में 43 और तीसरे और चौथी बार हुई गिनती में 42 वोट उन्हें मिले। चौथे राउण्ड की वोटिंग के बाद आखिर में एक वोट से योगेश शर्मा को ही विजयी घोषित कर दिया गया। उनके नाम का प्रमाण पत्र भी पीठासीन अधिकारी द्वारा जारी कर दिया गया था। योगेश शर्मा ने कहाकि इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सरकार की ताकत दिखते हुए पांचवीं बार काउंटिंग कराई और एक वोट से सुमन चौधरी को विजय घोषित कर प्रमाणपत्र दे दिया गया।इस बीच सत्ताधारी दल की ओर से लगातार सत्ता की धमक दिखाई जाती रही। राजेश चौधरी धरने पर बैठ गये। उनकी पत्नी ने मतगणना के दौरान कई बार बेहोशी का नाटक किया। राजेश चौधरी धरने पर बैठ गये।
आखिर में जिलाधिकारी मतगणना स्थल पर पहुंचे और भाजपा नेताओं के साथ करीब 40 मिनट तक मंत्रणा हुई। इस बीच सत्ता पक्ष का भय पैदा करने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया था। इसके बाद सुमन चौधरी को एक वोट से विजेता घोषित कर दिया।

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