September 16, 2021

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दिव्यांग, गर्भवती, बीमार व मातृत्व अवकाश पर महिला शिक्षकों की पंचायत चुनाव में लगी ड्यूटी

सोनभद्र (DVNA)। कोरोना के कारण स्कूलों पर ताले भले ही लटक गया हो, लेकिन शिक्षकों को ड्यूटी से छुट्टी नहीं मिली है। स्कूली काम काज निपटाने के साथ ही अब शिक्षकों को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भी ड्यूटी लग गई है। पंचायत चुनाव में महिला शिक्षकों के साथ ही कई ऐसे शिक्षकों की भी ड्यूटी लगा दी गई है, जो दिव्यांग, गर्भवती, बीमार या फिर मातृत्व अवकाश पर है। ऐसे में कई शिक्षक संगठनों ने इन शिक्षकों की पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगाए जाने पर आपत्ति जताई है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि महिला शिक्षकों के ऊपर कई जिम्मेदारी होती है, ऐसे में उनका त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगाना उचित नहीं है। महिला शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी से अवकाश देना चाहिए।
शिक्षक संगठनों का यह भी कहना है कि महिला शिक्षकों की तो ड्यूटी लगाई ही गई है, कई ऐसे शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है जो दिव्यांग, बीमार और मातृत्व अवकाश पर है। ऐसे में ये शिक्षक किसी भी दशा में चुनाव में ड्यूटी करने में सक्षम नहीं है। चुनाव ड्यूटी के कारण होने वाली परेशानियों के कारण कई ऐसे शिक्षक ड्यूटी से नाम हटवाने के लिए सीडीओ कार्यालय का चक्कर काट रहे है। चूंकि सीडीओ कार्यालय से ही शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में लगाई गई है, इसलिए शिक्षक सीडीओ कार्यालय पहुँच कर अपनी ड्यूटी हटवाने के प्रयास में जुटे हुए है। मिली जानकारी के अनुसार रावट्र्सगंज ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय पनकिनिया की सहायक अध्यापिका अनिता चैधरी सात माह की गर्भवती हैं लेकिन उनकी भी ड्यूटी लगाई गई है।
उनका कहना है कि निर्वाचन फॉर्म भरते समय ही उन्होंने गर्भावस्था वाले कालम में टिक लगाया था। जिले में ऐसे मामले भी सामने आए हैं कि जिनकी ड्यूटी लगाई गई है उनकी शादी भी उसी समय है। जैसे अनुदेशक सीमा सिंह उच्च प्राथमिक विद्यालय देवरी न्याय पंचायत तरावां की शादी 28 अप्रैल को है। वह चुनार की रहने वाली है। उनकी भी ड्यूटी लगी है। प्राथमिक विद्यालय खचार में तैनात रंजना राय जो दिव्यांग है उनकी भी चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई है। कम्पोजिट विद्यालय सिद्धिकला चुर्क न्याय पंचायत दिव्यांग पीयूष चतुर्वेदी की भी ड्यूटी लगा दी गयी है। ऐसे में वो काफी परेशान है। कहीं-कहीं तो एक ही कर्मी को दो-दो जगह की ड्यूटी लगा दी गयी है। प्राथमिक विद्यालय भभाइच की शिक्षिका कीर्ति बरनवाल की चतरा और बभनी दोनों जगह ड्यूटी लगा दी गयी है। घोरावल ब्लाक की शिक्षिका आकृति सिंह कानपुर नगर की रहने वाली है और उनकी शादी 30 अप्रैल को है।
ऐसे में शिक्षिका के साथ-साथ पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है। म्योरपुर ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय कानोरिया की प्रधानाध्यापिका ऊषा चैबे की बेटी खुशी जो पूर्ण मानसिक विकलांग है। उनकी ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई। इसी विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र किरण राय की बेटी लक्ष्मी भी मानसिक विकलांग है। ऐसे में बच्चों को छोड़कर चुनाव ड्यूटी करना इनके लिए मुश्किल हो गया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय कानोरिया की सहायक अध्यापिका ज्योत्सना जो कि 9 माह पेट से गर्भवती है। उनकी भी ड्यूटी लगाई गई है। उच्च प्राथमिक विद्यालय कानोरिया की सहायक अध्यापिका शोभना की बेटी महज 10 माह की है और इनके पति भी सरकारी सेवा में फिर भी पत्नी व पति दोनों की ड्यूटी लगा दी गई।
मेडिकल बोर्ड के वेरिफाई के बाद नाम काटने पर होगा विचार-CDO
इस संदर्भ में मुख्य विकास अधिकारी आईएएस अमित पाल शर्मा से सेलफोन पर हुई वार्ता में कहा कि अगर इस तरह का मामला है तो जिनकी शिकायत हो वो प्रत्यावेदन दें, उस पर विचार किया जायेगा। डीएम साहब के तरफ से मेडिकल बोर्ड का भी गठन किया गया है। किसी का भी आवेदन आता है तो मेडिकल बोर्ड से वेरिफाई कराया जायेगा। बोर्ड के निर्णय के बाद नाम काटने पर विचार किया जायेगा।

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