September 23, 2021

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कुख्यात ताऊ गैंग ने डाली थी मोरा तारा ज्वैलर्स शोरूम में करोड़ों की डकैती

हरिद्वार (DVNA)। शंकर आश्रम के निकट मोरा तारा ज्वैलर्स शोरूम में करोड़ों की डकैती की सनसनीखेज वातदात को अंजाम देने वाले ताऊ गैंग के सरगना सतीश चौधरी सहित फरार चल रहे पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर पुलिस ने 71 लाख रूपए कीमत के सोने चांदी के जेवरात व 12 लाख की नकदी व एक मोटरसाईकिल बरामद की है।

इसके अलावा 32 बोर की एक पिस्टल, 32 बोर के दो कारतूस, 315 बोर के पांच तमंचे, 315 बोर के पांच कारतूस आदि हथियार भी बदमाशों के पास से मिले हैं। घटना में शामिल दो बदमाशों व उन्हें शरण देने वाले रूड़की निवासी एक आरोपी को पुलिस दो दिन पूर्व गिरफ्तार कर चुकी है। ज्वालापुर कोतवाली में पत्रकारों को जानकारी देते हुए पुलिस कप्तान सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस. ने बताया कि डकैती की वारदात को ताऊ गैंग के बदमाशों ने अंजाम दिया था। ताऊ गैंग के लीडर इन्द्रपाल चौधरी उर्फ ताऊ के जेल जाने के बाद गैंग की कमान संभाल रहे सतीश चौधरी ने वारदात का प्लान तैयार किया। वारदात में सतीश चौधरी के अलावा अमित उर्फ फौजी निवासी यारपुर थाना भवन शामली उ.प्र., संजय उर्फ राजू निवासी ग्राम बासोती थाना शिकारपुर जिला बुलन्दशहर यूपी, नितिन मलिक निवासी ग्राम कुरमाली थाना शामली यूपी, सतेंद्रपाल सिंह निवासी ग्राम चांदपुर बुलन्दशहर यूपी, सचिन उर्फ गुड्डु, हिमांशु त्यागी शामिल थे। जिसमें से सचिन उर्फ गुड्डु, हिमांशु त्यागी व बदमाशों को रूड़की में शरण देने वाले हंसराज सैनी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। बाकी बदमाशों को सोमवार खतौली बाईपास से गिरफ्तार किया गया। डकैती में लूटा गया सोना व चांदी के कुछ जेवरात सतीश चौधरी ने बुलन्दशहर निवासी सुनार जैकी को बेच दिया है। जैकी सुनार व घटना शामिल रहा बदमाश विकास उर्फ हिमांशु त्यागी फरार हैं। जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि उड़ीसा, दिल्ली, पंजाब, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व गुजरात आदि राज्यों में कई वारदात को अंजाम दे चुका ताऊ गैंग वेब सीरिज ‘मनी हाइस्ट’ की तर्ज पर काम करता है। गैंग लीडर सतीश चौधारी ताऊ गैंग का सबसे सक्रिय व खतरनाक सदस्य है। सतीश चौधरी खुद बड़े-बड़े शोरूम की रैकी कर वारदात का प्लान तैयार करता है। घटना को अंजाम देने के लिए गैंग में नए सदस्यों को शामिल करता है। ताकि पकड़े जाने पर नए सदस्य उसके बारे में पुलिस को जानकारी ना दे सकें। घटना करने से पहले गैंग के सदस्य एक सप्ताह पहले अपने रहने का ठिकाना बदल देते हैं और वारदात को अंजाम देने से पूर्व अपने मोबाईल बंद कर देते हैं। इसके बाद खतरनाक हथियारों से लैस होकर लूट व डकैती की घटना को अंजाम देते हैं तथा घटनास्थल पर पहुंचने व भागने के लिए बाइक, बस ई रिक्शा ऑटो, एंबुलेंस आदि का इस्तेमाल करते हैं। एसएसपी ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व गैंग मोरा तारा ज्वैलर्स एवं रिलायंस ज्वैलर्स में डकैती डालने की फिराक में था। लेकिन शोरूम में शाशों पर लगी काली फिल्म उतारकर पारदर्शी शीशे लगाने के कारण गैंग को अपनी योजना रद्द करनी पड़ी थी। प्रैसवार्ता के दौरान एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, एसपी क्राईम प्रदीप कुमार राय, एएसपी डा.विशाखा अशोक भदाणे, सीओ सिटी अभय सिंह, ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चन्द्रचन्द्राकर नैथानी मौजूद रहे।

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