September 23, 2021

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जमीन हडपने को साले ने ही कर दिया जीजा का कत्ल

मथुरा-डीवीएनए। धनगांव के पास मिले महेन्द्र के शव को हत्या कर यहां फैंका गया था। पुलिस ने मामले का सनसनी खेज खुलासा करतेे हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। महेन्द्र की हत्या में जमीन हडपने के लिए उसका सगा साला भी शामिल हो गया था। गिरफ्तार आरोपियों में महेन्द्र का साला भी है।
थाना हाईवे पुलिस ने धौली प्याऊ रेलवे फाटक के पास से राजेश पुत्र उदयचन्द्र निवासी फालेन थाना कोसीकलां तथा रमेश पुत्र कारे निवासी सरस्वती विहार कालौनी थाना वृन्दावन मथुरा मूल निवासी फालिन थाना कोसीकलां मथुरा को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से उस इण्डिका विस्टा कार को भी बरामद कर लिया गया है जिसमें हत्या को अंजाम दिया गया था। थाना क्षेत्र हाइवे के अन्तर्गत धनगांव भैसा रोड पर सडक किनारे अज्ञात शव मिलने की सूचना पर मृतक के शव का पंचायतनामा भर कर पोस्टमार्टम की कार्यवाही की गयी थी।
प्रभारी निरीक्षक थाना हाईवे विनोद कुमार ने बताया कि पी.एम रिपोर्ट में मृत्यु गला घोटने के कारण होनी पायी गयी। मृतक की शिनाख्त महेन्द्र पुत्र ओमप्रकाश निवासी किशोरपुरा गांधी नगर थाना वृन्दावन मथुरा के रूप मे हुई। मृतक के भाई की पत्नी ने इस सम्बन्ध में धारा 147, 302, 201, 120बी आईपीसी बनाम सोमदेव सहगल आदि पांच लोगों के विरुद्ध मुकादमा दर्ज कराया था।
इस घटना के सही अनावरण के लिए मृतक महेन्द्र व उसके साले की जमीन की तहसील से जांच की गयी तो मृतक के भाई कृष्णगोपाल उर्फ जादू द्वारा दो बैनामा किये गये थे, उनके बैनामा की जांच करने पर बैनामा फर्जी पाये गये विक्रेता कृष्णगोपाल का ना तो फोटो था और ना ही उसके हस्ताक्षर थे। खरीदार रमेश व मुकेश सिंह 2तथा गवाह जैल सिंह से पूछताछ की गयी तो मुकेश सिंह पुत्र केशवदेव निवासी सिहाना थाना छाता मथुरा ने बताया कि इस जमीन का सौदा रमेश व उदय गौतम ने चार लाख रूपये लिये थे। बैनामे मे गवाह मुकेश शर्मा व जैल सिंह बने थे।
रमेश से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उदय गौतम पुत्र जगदीश गौतम निवासी गंगोत्री विहार थाना सिकन्दरा आगरा, मुकेश शर्मा पुत्र हरिओम शर्मा निवासी ओहावा थाना सुरीर मथुरा व राजेश पुत्र उदयचंद निवासी गांव फालैन थाना कोशी के साथ मिलकर महेन्द्र व उसके भाईयों की जमीन हडपने के लिये योजना बनाई थी। इसी क्रम में दो बैनामे फर्जी तरीके से करा लिये थे और उदय गौतम ने 100 रूपये के स्टाम्प पर 300 वर्ग गज जमीन का सौदा महेन्द्र गौतम से कर लिया था जिसके पैसे बकाया थे। फर्जी मुकदमों की भनक महेन्द्र को लग गयी थी और उसने जेल भिजवाने के लिये धमकी दी थी। जेल जाने से बचने के लिये व जमीन को हडपने के लिये महेन्द्र की हत्या करने की योतना तैयार की गई। 30 जून को रमेश ने फोन करके महेन्द्र को अपने घर बुलाया था। उदय गौतम, मुकेश शर्मा और राजेश के साथ मिलकर आरोपियों ने महेन्द्र को कार में बैठा लिया और घर से कुछ ही दूरी पर कार में ही गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी और शव को जलाने की नीयत से धनगांव की तरफ ले गये थे। शव को जलाने ही वाले थी की दूसरी तरफ से दो मोटरसाईकिलें आती दिखाई दी और आरोपी शव को वहीं छोडकर भाग आये ।

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