September 24, 2021

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अफगानिस्तान में भारतीय वाणिज्य दूतावास-मिशन केंद्र अस्थाई रूप से बंद

नई दिल्ली-डीवीएनए। अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात के बीच भारत ने बीती देर रात कांधार स्थित वाणिज्य दूतावास से जुड़े करीब 50 राजनयिकों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला। वायुसेना के विशेष विमान के जरिए ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। वाणिज्य दूतावास में अब भी सीमित संख्या में कर्मचारी मौजूद हैं। इनकी स्वदेश वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वाणिज्य दूतावास और मिशन केंद्रों को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है।
दरअसल अफगानिस्तान से नाटो सैनिकों की वापसी के बाद तालिबान का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। खासतौर से दक्षिण अफगानिस्तान में पाकिस्तान स्थिति आतंकी संगठन लश्कर ए तयबा तालिबान लड़ाकों के साथ मिल गए हैं। इन्होंने दक्षिण अफगानिस्तान के कई इलाकों पर कब्जा कर लिया है। बढ़ते संकट के बीच भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठड्ढान को सुरक्षा के लिए कॉल करना पड़ा।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि शनिवार देर रात राजनयिकों, कर्मचारियों और वाणिज्य दूतावास की सुरक्षा में लगे आईटीबीपी के जवानों को बाहर निकालने के लिए वायुसेना के विशेष विमान की मदद ली गई। विशेष विमान देर रात कांधार पहुंचा और करीब 50 लोगों के साथ वापस लौटा। फिलहाल दूतावास में अभी कुछ कर्मचारी मौजूद हैं। इन्हें भी जल्द बाहर निकालने की योजना बनाई जा रही है।
अचानक बिगड़े हालात
नाटो सैनिकों की विदाई के बावजूद भारत ने काबुल में मिशन केंद्र और कांधार के मजार ए शरीफ शहर में वाणिज्य दूतावास को बनाए रखने की घोषणा की थी। भारत ने कहा था कि उसका मिशन केंद्र और वाणिज्य दूतावास को बंद करने की कोई योजना नहीं है। इस बीच अचानक हालात बद से बदतर होने और तालिबान लड़ाकों के कई इलाकों पर कब्जा करने के बाद भारत ने आपात योजना के जरिए अपने राजनयिकों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षित स्वदेश वापसी कराई।
भारत एक मित्र देश होने के नाते अफगानिस्तान में शांति, सद्भाव और संप्रभुता की बहाली के लिए प्रयासरत रहेगा। हम अफगानिस्तान की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय

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