August 5, 2021

My UP News

My UP NEWS

कोरोना लड़ाई के लिए कौनसी वैक्सीन प्रभावी, लगातार हो रहा शोध

इंदौर,-डीवीएनए। कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर दुनियाभर में विभिन्न कंपनियों की वैक्सीन लगाई जा रही है। इनके असर को लेकर भी अलग-अलग राय सामने आई है। लोगों के इनके बीच थोड़ उलझ चुके हैं, क्योंकि वे तय नहीं कर पा रहे हैं कि संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए कौन-सी वैक्सीन ज्यादा असरकारक है। इस पूरे मुद्दे पर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (आईआईटी इंदौर) सहित चार अलग-अलग संस्थानों के प्रोफेसरों ने शोध किया है।
उन्होंने अपनी रिपोर्ट के जरिए लोगों को टीका चुनने का आसान तरीका बताया है। यहां तक विभिन्न कंपनियों के वैक्सीन को तैयार करने की चिकित्सीय पद्धति के बारे में भी बताने की कोशिश की है। दल में डॉ. हेम चंद झा (आइआइटी), डॉ. विजय त्रिपाठी (सैम हिंगिनबाटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकलचर टेक्नालॉजी एंड साइंस, प्रयागराज) और डॉ. जोएस पेरेज डे ला लास्ट्रा (स्पेन), इजराइल के डॉ. आनंद, श्वेता जखमोला और ओंकार इंदारी, डॉ. झे-शेंग चेन (सेंट जॉन्स यूनिवर्सिटी, यूएसए) शामिल हैं। आइआटी के डॉ. झा ने बताया कि दुनियाभर मे ंदस अलग-अलग वैक्सीन से कोरोना वायरस के नए वैरिएंट को रोकने की कोशिश हो रही है।
विभिन्न चिकित्सा पद्धति से इन वैक्सीन का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें आणविक दवाएं, प्रोटीन टुकड़ा (पेप्टाइड) अवरोधक और एंटीबॉडी किास हैं। कुछ प्रमुख टीके जैसे की एमआरएनए आधारित टीके (कॉमिनार्टी-मॉडिर्ना), वेक्टर आधारित (वैक्स्जार्विया जानसन एंड जानसन, स्पूतनिक वी, कोविशील्ड), निष्क्रिया वायरस आधारित (सिनोवैक, कोवैक्सीन) प्रोटीन आधारित (कंवेडेसिया) से बनाई जा रही हैं। इसका इस्तेमाल दुनिया के विभिन्न देशों में किया जा रहा है, जो असरदार है। वे बताते हैं कि इन दिनों लोग थोड़े उलझे हुए हैं कि वे कौन-सी वैक्सीन संक्रमण से बचाव के लिए लगाएं। शोध से इन्हें इसका चयन करने में आसानी होगी।
उन्होंने बताया कि आगे नए वैक्सीन बनाने की दिशा में भी शोध काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।

Auto Fatched From DVNA