September 24, 2021

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कोरोना की संभावित तीसरी लहर के प्रति सजग और सतर्क रहना जरूरी: मुख्यमंत्री चौहान

भोपाल 08 जुलाई (DVNA)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर के प्रति पूरी सजगता और सतर्कता बरतना जरूरी है। इसमें बरती गई जरा सी भी लापरवाही कोरोना संक्रमण को पुन: आमंत्रित कर सकती है। ऐसी ?स्थिति से हमे बचना होगा। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि तीसरी लहर के पूर्व ही प्रदेश सरकार तेजी से स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ चिकित्सकीय अधोसंरचनाओं का निर्माण कर रही है। विशेष रूप से अस्पतालों में आईसीयू बेडस की संख्या बढ़ाने के साथ ऑक्सीजन की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिये ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किये जा रहे हैं। हमारा प्रयास यह है कि कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन के लिये जो जद्दोजहद हुई और परेशानी सही गई, वैसी स्थिति दोबारा न आने पाये।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिये जो कार्य-योजना बनाई गई थी उसके तहत अनेक जिलों में ऑक्सीजन प्लांटस शुरू हो चुके हैं। इस कार्य में शासन-प्रशासन के साथ राष्ट्रीय स्तर की कम्पनियों और प्रदेश के समाज-सेवियों का बड़ा योगदान रहा है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को ऑक्सीजन उत्पादन के मामले में आत्म-निर्भर बनाने की जो मुहिम शुरू हुई है, उसे निरंतर जारी रखा जाएगा। हमारी कोशिश यही होगी कि सभी अस्पतालों में मरीजों के उपचार के लिये ऑक्सीजन की उपलब्धता अस्पताल में ही सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ में बिस्तरों, दवाओं, ऑक्सीजन, सीटी स्केन,आईसीयू, पीआईसीयू, चिकित्सकों, स्टाफ आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश में यदि तीसरी लहर आती है तो हमें संक्रमण की रोकथाम के साथ ही हर मरीज को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करानी है। पहले तो मरीज को अस्पताल जाने की आवश्यकता ही न पड़े और यदि अस्पताल जाना पड़ता है तो वह चिकित्सा व्यवस्था का लाभ लेकर जल्दी से जल्दी स्वस्थ होकर घर वापस आ जाए।

वर्तमान में मध्यप्रदेश में कोरोना के इलाज के लिए कुल 68 हजार 22 बिस्तर चिन्हांकित हैं, जिनमें 54 हजार 130 शासकीय तथा 13 हजार 892 निजी अस्पतालों में हैं। इनके अंतर्गत 4 हजार बिस्तर प्रायवेट मेडिकल कॉलेजेस में चिन्हांकित हैं। आयुष्मान योजना अंतर्गत शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में कुल 31 हजार 11 बिस्तर चिन्हांकित हैं। साथ ही प्रत्येक जिले के शासकीय एवं निजी अस्पतालों में बिस्तर बढ़ाए जाने की में कार्य-योजना बनाई गई है। अधिक से अधिक संख्या में सामान्य बेड्स को ऑक्सीजन बेड्स एवं आईसीयू बेड्स में परिवर्तित करने का कार्य भी किया जा रहा है। प्रदेश में चिकित्सक, स्टाफ नर्स, आयुष चिकित्सक सहित विभागीय मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, वॉलेन्टियर्स, आशा कार्यकर्ता और ए.एन.एम. को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में विशेषज्ञों की समिति द्वारा गहन अध्ययन के पश्चात शिशुओं के उपचार की विस्तृत प्रोटोकॉल गाइड लाइन जारी की गई है। अभिभावक बच्चों के साथ वार्ड में रह सकें, इसके लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। होम आइसोलेशन में रहने वाले बच्चों के अभिभावकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। कोरोना रोगियों को निर्बाध रूप से अस्पतालों तक ले जाने के लिए एम्बुलेंस नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण किया गया है। कुल 1002 एम्बुलेंस इस कार्य के लिए चिन्हांकित की गई हैं। इनमें 167 ए.एल.एस. (एडवांस लाइफ सपोर्ट) तथा 835 बी.ए.एस. (बेसिक लाइफ सपोर्ट) एम्बुलेंस हैं।

मध्यप्रदेश में भारत सरकार, राज्य सरकार एवं अन्य स्त्रोतों से कुल 170 पी.एस.ए प्लांट स्थापित किये जा रहे हैं, जिनकी कुल क्षमता 200 मीट्रिक टन है। इनमें से 21 पी.एस.ए प्लांट लग गए हैं तथा शेष सितम्बर माह तक स्थापित हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त 78 जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कुल 78 पी.एस.ए प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। चिकित्सा महाविद्यालयों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की क्षमता में 121 मीट्रिक टन की वृद्धि की जा रही है। जिला अस्पतालों में 11 हजार 184 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड्स बनाए गए हैं और 3063 नवीन ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड्स बनाए जा रहे हैं। साथ ही चिकित्सा महाविद्यालयों में भी 751 ऑक्सीजन बेड्स बढ़ाए जा रहे हैं। जिलों को अब तक उपलब्ध करवाये गये 6190 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स में से बच्चों के पोषण पुनर्वास केन्द्रों में 1500 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा भी जिलों को 5100 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर अतिरिक्त रूप से दिये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि तीसरी लहर की तैयारियों में 813 आई.सी.यू. बेड्स स्थापित किए गए हैं। आगामी कार्य-योजना में 650 नए आई.सी.यू. बेड्स स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त चिकित्सा महाविद्यालयों में भी 345 आई.सी.यू. बेड्स बढ़ाए जा रहे हैं। प्रत्येक जिले में शिशु आईसीयू की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रदेश में 320 शिशु आईसीयू के बिस्तर नियोजित किए गए हैं, जिनमें 200 बिस्तरों की संख्या अतिरिक्त रूप से स्थापित की जा रही है। इसके अतिरिक्त चिकित्सा महाविद्यालयों में 380 शिशु आईसीयू बिस्तरों की वृद्धि की जा रही है। प्रदेश में डॉक्टरों के रिक्त्?पदों की पूर्ति के लिये चिकित्सा विशेषज्ञों की भर्ती का कार्य भी शुरू हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के उपचार के लिये जितनी जरूरत अस्पताल, दवाओं और ऑक्सीजन की होती है, उससे कहीं जरूरी है कि आम नागरिक कोरोना वैक्सीन के साथ कोविड अनुकूल व्यवहार भी अपनायें। मास्क लगाना, दो गज की दूरी बनाये रखना, सेनेटाइजर का समय-समय पर उपयोग करना और भीड़-भाड़ करने से बचना ही कोरोना संक्रमण से बचाव का सबसे बड़ा साधन है। हम सब को कोविड अनुकूल व्यवहार अपनाना ही होगा। यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो उसे रोके भी और टोके भी। तभी हम कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने में कामयाब हो सकेंगे।

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