September 24, 2021

My UP News

My UP NEWS

कोर्ट का फैसला, जमानत के कागज देने के बाद भी नहीं मिला लोकतंत्र सेनानी का दर्जा

जसपुर/काशीपुर (DVNA)। आपातकाल के दौरान ढाई माह जेल में रहने, कोर्ट के फैसले एवं जमानत के कागजात देने के बाद भी लोकमन सिंह गहलोत को लोकतंत्र सेनानी का दर्जा नहीं मिल सका।

कई बार सीएम और सीएस के चक्कर लगाने के बाद सम्मान नहीं मिलने की टीस उन्हे हाईकोर्ट के दरवाजे तक ले गई। हाईकोर्ट ने भी सरकार को मामले को निस्तारित करने के निर्देश दिए है। लोकमन सिंह,जसपुर के अकेले व्यक्ति जो आपातकाल में जेल गए थे।

जून 2017 में राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर सन 1975 में आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों को लोकतंत्र सेनानी घोषित कर उनकी पेंशन तय की थी। तब जसपुर के मोहल्ला पट्टी चौहान निवासी लोकमन सिंह गहलोत पुत्र इंदर सिंह ने भी आवेदन किया था। बताते है कि राज्य के अन्य लोगों को लोकतंत्र सेनानी घोषित कर दिया गया। जबकि लोकमन सिंह का आवेदन इस टिप्पड़ी के साथ वापस कर दिया कि उन्होंने जेल का प्रमाण पत्र नहीं लगाया है। जबकि आवेदन पत्र में कोर्ट का फैसला, जमानत के कागजात लगे थे। इसको लेकर लोकमन सिंह कई बार सीएम एवं मुख्य सचिव से भी मिले। लेकिन हर बार उन्होंने जेल का प्रमाण पत्र लगाने की बात कही। तब लोकमन सिंह ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद मामले का निस्तारण करने के सरकार को निर्देश दिए है।

लोकमन सिंह, बरेली कालेज में बीएमएस की पढ़ाई के दौरान आरएसएस से जुड़ गये थे। आपातकाल लगते ही बरेली कोतवाली पुलिस ने उन्हे जेल भेज दिया। ढाई माह जेल में रहने के बाद उन्हे जमानत मिली। जेएम कोर्ट का फैसला और जमानत के कागजात लगाने के बाद भी लोकमन सिंह को लोकतंत्र सेनानी घोषित नहीं किया गया। इससे वह दुखी है। लोकमन सिंह ने बताया कि वह कई बार देहरादून के चक्कर काट चुके है। बताया कि अभी कुछ दिन पहले इस मामले को लेकर सीएम तीरथ सिंह रावत से भी कुछ लोगों ने बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिलाया है। उन्होंने बताया कि वह एक बार और देहरादून जायेंगे। उन्हे सम्मान मिलता है तो ठीक है। अन्यथा वह कभी इसके लिए भागदौड़ नहीं करेंगे।

जेल बदल गई तो नहीं मिला प्रमाण पत्र
लोकमन सिंह बताते है कि बरेली में जिला जेल पहले कचहरी के पास थी। जिसमे वह रहे। कुछ साल बाद जेल को पीलीभीत रोड पर शिफ्ट कर दिया गया। इस दौरान जेल के कागजात खुर्द बुर्द हो गए। वह जेल में प्रमाण पत्र लेने गए थे। लेकिन जेल प्रशासन ने खुर्द बुर्द की बात कहते हुए उन्हे वापस कर दिया।

Auto Fatched From DVNA