November 28, 2021

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फंगस दोबारा बढने पर तालू हो रहे खराब

भोपाल-डीवीएनए।म्यूकरमाइकोसिस के मरीजों को पूरा इलाज (इंजेक्शन व टैबलेट) नहीं मिलने की वजह से उनमें दोबारा संक्रमण भी बढ़ रहा है। दोबारा संक्रमण नाक या आंख की जगह ज्यादर मरीजों में ऊपर के तालू और जबड़े में मिल रहा है। इसे वाकुलर नक्रोसिस कहा जाता है। क्लाटिंग के चलते खून का प्रवाह रुकने से तालू खराब हो रहे हैं। इन मरीजों की शुरुआती संक्रमण के दौरा सायनस की सर्जरी की जा चुकी है। लिहाजा दूसरी बार संक्रमण सायनस में बढने की जगह तालू में देखने को मिल रहा है। तालू निकाले जाने के बाद बोलने और खाने-पीने में मुश्किल आएगी। तालू के साथ ऊपर का जबड़ा भी कुछ मरीजों में निकालना पड़ा है।
हमीदिया अस्पताल में दंत रोग विभाग के विभागध्यक्ष डॉ. अनुज भार्गव ने बताया कि हर दिन औसतन एक मरीज का ऊपर का तालू और जबड़ा निकालना पड़ रजा है। उन्होंने बताया कि इनमें ज्यादातर मरीज वह हैं जो एक बार स्वस्थ्य होने के बाद डिस्चार्ज हो गए थे, लेकिन दोबारा संक्रमण बढने पर फिर से अस्पताल में भर्ती हुए हैं। भोपाल ही नहीं प्रदेश के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों के मरीज भी दोबारा बढ़ा हुआ संक्रमण लेकर आ रहे हैं। तालू निकलना मरीजों के लिए जीवन भर के लिए दुखदायी हो जाता है, उन्हें बोलने और खाने-पीने में दिक्कत होने लगती है, लेकिन कोई विकल्प नहीं है। हमीदिया अस्पताल के नाक-काल एवं गला रोग विभाग के सह प्राध्याक डॉ. यशवीर जेके ने बताया कि इन मरीजों के पहली बार भर्ती होने पर सायनस और अन्य जगह पर फैला फंगस निकाल दिया गया था, यही वजह है कि दोबारा संक्रमण तालू पर देखने को मिल रहा है। इसके पहले भी मामले आते थे, लेकिन अब ज्यादा देखने को मिल रहा है। हमीदिया अस्पताल में अभी ऐसे करीब दस मरीज भर्ती हैं, जिनके तालू निकाले गए हैं या निकाले जाने हैं। उन्होंने बताया कि वस्कुलर नेक्रोसिस खून का थक्का जमने की वजह से होती है। यह समझ नहीं आ रहा है मरीजों में खून का थक्का जमने की दिक्कत म्यूकरमाइकोसिस से हुई या कोरोना की वजह से हुई।

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