September 16, 2021

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कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए अस्पतालों में तैयारियां अधूरी

कानपुर (डीवीएनए)। शहर में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए अस्पतालों में तैयारियां शुरू हो गई है। लेकिन यह तैयारियां जिस तेजी से होनी थी। वह नहीं दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों की मानें तो तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक हो सकती है। हैलट में बच्चों के लिए 100 बेड का अस्पताल बनना था। उर्सला में 50 अतिरिक्त बेड लगवाएं जाने थे। ऐसे ही कांशीराम ट्रामा सेंटर में भी 50 बेड लगने थे। इसके अलावा आसपास के ग्रामीण इलाकों में बने सीएचसी को भी इसी तर्ज पर तैयार किया जाना था। लेकिन अब तक सिर्फ 25 फीसदी ही काम पूरा हो सका है।
हैलट में लगे बेड लेकिन ऑक्सीजन लाइन नहीं
हैलट अस्पताल में 50 बेड का आईसीयू और 50 बेड आइसोलेशन वार्ड तैयार किया जाना था। लेकिन अब तक सिर्फ आइसोलेशन वार्ड में 25 बेड ही लग पाए है। आईसीयू वार्ड में अभी तक बेड ही नहीं लगे है। इतना ही नहीं इन वार्डों में ऑक्सीजन पाइपलाइन भी नहीं बिछी है।
बच्चों का एक आईसीयू नहीं तैयार हो पाया
उर्सला नॉन कोविड अस्पताल है, तीसरी लहर के लिए यहां प्राइवेट विंग में बच्चों का एक आईसीयू भी बनाने का फैसला लिया गया था। 20 बेड आइसोलेशन के लिए भी लगने थे। इसी तरह कुल मिलकर यहां बच्चों के लिए 30 बेड आरक्षित होने थे। लेकिन अब तक यह तैयार नहीं हो पाया है। यह तय किया गया था कि जरूरत पडने पर इसे कोविड अस्पताल बनाया जाएगा। इसी के चलते पीआईसीयू में 10 वेंटीलेटर भी लगाए जाने थे। ये काम भी अभी तक पूरा नहीं हो सका है।
काम सिर्फ कागजों में ही हुआ
तीसरी लहर के लिए कांशीराम अस्पताल में तैयारियां की रफ़्तार बहुत ही धीमी गति से चल रही है। यहां 100 बेड के बन रहे अस्पताल में 40 बेड का बच्चों के लिए आईसीयू तैयार किया जाना था। लेकिन यह काम सिर्फ कागजों में ही हुआ है। यहां 20 बेड का पीआईसीयू भी तैयार किया जाना था, वो भी अभी पेंडिंग पड़ा हुआ है।
इस अस्पताल में अभी उपकरणों को खरीदने के लिए लिस्ट तैयार की जा रही है। इसके अलावा दूसरी लहर में यहां ऑक्सीजन की किल्लत होने के कारण कई मरीजों की मौत हुई थी।

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