October 26, 2021

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एम्स ऋषिकेश के चिकित्सा शोध में मनुष्य के शरीर को लेकर हुआ ये बड़ा खुलासा

ऋषिकेश 28 जून (DVNA)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश की ओर से किए गए चिकित्सा शोध में यह तथ्य सामने आया है कि मनुष्य के शरीर का औसत तापमान 98.6 डिग्री फारेनहाइट नहीं, बल्कि 98 डिग्री है। निष्कर्ष में यह भी पाया गया है कि शरीर का तापमान 99.1 डिग्री फारेनहाइट से अधिक होने पर ही बुखार के लक्षण शुरू होते हैं। समीक्षा करने के लिए यह शोध प्री-प्रिंट जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

व्यक्ति के शरीर का औसत तापमान 98.6 डिग्री फारेनहाइट माना जाता है। यह तापमान यदि इससे अधिक हो जाए तो मेडिकल भाषा में इसे बुखार आना कहते हैं, लेकिन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के हाल ही में किए गए एक शोध से पता चला कि व्यक्ति के शरीर का औसत तापमान 98.6 डिग्री नहीं, बल्कि 98 डिग्री फारेनहाइट है। सामान्य तौर पर शरीर के तापमान में वृद्धि होने पर उसे बुखार समझ लिया जाता है। जबकि शरीर के कटआफ तापमान में वृद्धि होने के साथ-साथ कुछ विशेष लक्षणों के उभरने पर ही उसे बुखार समझा जाना चाहिए। इसके साथ ही शरीर का कटआफ तापमान भी माप की साइट और व्यक्ति के लिंग व अन्य कारणों के आधार पर भिन्न-भिन्न होता है।

144 व्यक्तियों पर किया गया अध्ययन
एम्स ऋषिकेश में जनरल मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. पीके पण्डा और उनकी शोध टीम के सदस्यों डा. नितिन, डा. योगेश व डा. अजीत ने इस विषय पर एक अनुवर्ती अध्ययन किया। डा. पण्डा ने बताया कि एम्स के शोधार्थियों ने एक साल तक इस विषय पर शोध करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। उन्होंने बताया कि शोध में कुल 144 प्रतिभागी शामिल किए गए थे। इन सभी प्रतिभागियों का पूरे वर्ष तक प्रत्येक दिन न्यूनतम तीन बार तापमान रिकार्ड किया गया। इस प्रकार इस पूरे शोध में 23 हजार 851 आंकड़े दर्ज किए गए।

150 वर्षों में कम हो रहा है मानव शरीर का तापमान
शोधार्थी डा. नितिन ने बताया कि रिसर्च में शामिल किए गए सभी 144 व्यक्तियों को तापमान मापने के डिजिटल थर्मामीटर दिए गए थे। थर्मामीटर के साथ मुंह के तापमान की स्व-निगरानी का डेटा थर्मोमेट्री डायरी में रिकार्ड किया गया। विस्तृत अध्ययन की आवश्यकता को देखते हुए इस रिसर्च में सामान्य व्यक्तियों, बुखार से ग्रसित व्यक्तियों और बुखार उतरने के बाद की स्थिति वाले व्यक्तियों पर तीन चरणों में डेटा एकत्रित किया गया। जिसमें पाया गया कि सभी प्रतिभागियों का औसत तापमान 100.25 डिग्री से 1.44 डिग्री कम या ज्यादा था, जबकि बुखार उतरने के बाद सामान्य स्थिति का तापमान 99.1 डिग्री पाया गया। डा. पीके पण्डा ने बताया कि महिला और पुरुषों में इसके एक समान ही रुझान थे, जबकि बुखार के बाद का तापमान, बुखार से पहले के तापमान से अधिक था। उन्होंने बताया कि इस शोध के आधार पर कहा जा सकता है कि पिछले 150 वर्षों के दौरान से मानव के शरीर का औसत तापमान लगातार कम होता प्रतीत हो रहा है।

1886 में हुआ था पहला रिसर्च
वर्ष 1886 में वैज्ञानिक वंडरलिक ने रिसर्च करने के बाद यह तथ्य उजागर किया था कि मनुष्य के शरीर का औसत तापमान 98.6 डिग्री फारेनहाइट होता है। तभी से इस तापमान को मनुष्य के शरीर का साधारण तापमान का मानक माना जाता है। इसके बाद वर्ष 1992 में वैज्ञानिक मेकोवाईक ने एक अन्य शोध किया था, जिसमें उन्होंने पाया कि मनुष्य के शरीर का सामान्य तापमान 98.2 डिग्री है। अब वर्ष 2020 में इसे फिर से चुनौती दी गई। वर्तमान अध्ययन का निष्कर्ष परिभाषित करता है कि मनुष्य का औसत मौखिक तापमान 98.0 डिग्री फारेनहाइट है। इसी प्रकार किए गए अध्ययन के आधार पर 1886 में बुखार को 100.4 डिग्री पर परिभाषित किया गया था। उसके बाद 1992 के अध्ययन में कहा गया कि शरीर का तापमान 99.9 डिग्री फारेनहाइट से अधिक होने पर बुखार होता है। हालांकि वर्तमान अध्ययन का निष्कर्ष तापमान 99.1 फारेनहाइट से अधिक होने पर ही बुखार को परिभाषित करता है।

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