September 23, 2021

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झोलाछाप डॉक्टर के लापरवाही से हुई युवक की मौत, पीड़ित का आरोप एसपी के निर्देश के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नही कर रही पुलिस

बाराबंकी (डीवीएनए)। झोलाछाप डॉक्टर के इलाज में लापरवाही से हुई युवक की मौत के मामले में पुलिस आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। मृतक के पिता का आरोप है,कि पुलिस उन पर तहरीर बदलने के साथ ही झोलाछाप डॉक्टर से मामला मैनज करने का दबाव डाल रही है। जबकि एसपी यमुना प्रसाद ने पुलिस को मामले में कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। इधर, घटना के दूसरे दिन भी स्वास्थ विभाग ने क्लीनिक की जांच करना मुनासिब नहीं समझा। हलाकि डॉक्टर क्लीनिक बंद कर फरार चल रहा है। रामनगर इलाके के मामपुर मजरे जफरपुर निवासी बुधराम के बेटे मनीष (18) की 19 जून को तबीयत खराब हो गई थी। परिवारीजन उसे इलाज के लिए तथाकथित डॉक्टर ब्रजेश यादव के सुढियामऊ क्लीनिक पर ले गए । वहां झोलाछाप डाक्टर ने इलाज के लिए 25 हजार रुपये जमा करवाए। 22 जून को मनीष की हालत गंभीर हो गई।
तब डाक्टर ने परिवारीजनों से मनीष को जिलास्पताल ले जाने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया। पिता उसे लेकर जिला अस्पताल के बाद डॉ.राममनोहर लोहिया अस्पताल ले गए। वहां बीते शुक्रवार को इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। झोलाछाप के इलाज से नाराज घरवाले बेटे का शव लेकर गन्ना दफ्तर पहुंच गए और धरना प्रदर्शन शुरू दिया। पिता की शिकायत पर एसपी यमुना प्रसाद ने पुलिस को पोस्टमॉर्टम कराने के साथ ही रामनगर पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। शुक्रवार की देर शाम पीएम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। पिता बुधराम का आरोप है,कि शनिवार को जब वह तहरीर लेकर थाने पहुंचे तो इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए मामला मैनेज करने का फरमान सुनाया। यही नहीं रविवार तक का समय भी सोचने के लिए दे दिया। साथ ही परिवारीजनों पर तहरीर बदल कर आर्थिक सहायता दिलाए जाने के लिए दूसरी तहरीर देने का दबाव भी बनाया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डॉक्टर के विरुद्ध कर्रवाई तो दूर जांच करना भी मुनासिब नहीं समझा है। इंस्पेक्टर रामचंद्र सरोज ने बताया कि प्रेम प्रसंग के चक्कर में मृतक युवक ने कीटनाशक दवा पी थी। परिवारीजनों ने अभी तक कोई तहरीर ही नहीं दी है।

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