September 16, 2021

My UP News

My UP NEWS

बेवकूफ, झूठ, चुम्मा-चुम्मी जैसे शब्दों का उपयोग विधानसभा में होंगे वर्जित

भोपाल-डीवीएनए। मध्यप्रदेश विधानसभा अपने विधायकों के असंदीय मर्यादित आचरण और भाषाई शुद्धता के लिए अनूठा शब्दकोष तैयार करा रही है। इसमें पप्पू, फेंकू, मूर्ख, चोर, बेवकूफ और नालायक जैसे करीब 300 से अधिक ऐसे शब्दों को चिन्हित किया गया है, जिनका उपयोग सदन में वर्जित रहेगा। इसके लिए लोकसभा सचिवालय सहित अन्य राज्यों की विधानसभाओं से उनके असंसदीय शब्दों की सूची मंगाई गई है। यह शब्द संहिता आगामी सत्र से लागू की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम की पहल पर यूपी, बिहार, उत्तराखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब सहित अन्य राज्यों के असंसदीय शब्दों को भी देखा-परखा गया। विधायकों को सदन में इन शब्दों के प्रयोग न करने की टे्रनिंग भी दी जाएगी।
मप्र संस्कृति और परिवेश के परिप्रेक्ष्य में शब्दों के भाव और अर्थों पर गौर करने के बाद 300 से अधिक शब्दों को चिन्हित किया गया है। कुछ शब्द तो ऐसे भी हैं जिन्हें गाली की श्रेणी में माना जाता है। विधानसभा सचिवालय द्वारा सभी असंसदीय शब्दों के अर्थों को समझते हुए एक पुस्तक का प्रकाशन भी कराया जा रहा है। यह पुस्तक सभी विधायकों में वितरित की जाएगी। पिछले दो-तीन महीनों से विधानसभा के अधिकारी इस कवायद में जुटे हैं। मानसून सत्र से सदन में यह शब्द संहिता लागू कर दी जाएगी। कोरोना संक्रमण अभी तेजी से कमजोर हो रहा है। यही स्थिति रही तो संभवतरू 26 जुलाई अथवा दो अगस्त से मानसून सत्र बुलाया जा सकता है। पुस्तक के कुछ शब्दों की बानगी – हरिजन, पप्पू, फेंकू, मूर्ख, चोर-उचक्के, नालायक, चुल्लू भर पानी में…., बेवकूफ, चुम्मा-चुम्मी शामिल हैं।

Auto Fatched From DVNA